प्रातः स्मानीय विश्ववंदनीय सतनाम धर्म के प्रवर्तक परमपूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के पाँचवे पीढ़ी मे अवतरित परमपूज्य राजागुरु धर्मगुरु बालदास साहेब का जन्म एैसे समय मे हुआ जब समाज मे परमपूज्य गुरु घासीदास बाबा जी,परम पूज्य सतधारीगुरु गुरु अमरदास बाबा जी एवं शूरवीर महान प्रतापी राजा गुरु बालकदास साहेब जी के अंतर्ध्यान होने के पश्चात गुरुवंशजों एवं समाज के बीच परस्पर संबंधों मे कमी आ चुकी थी जिसका फायदा समाज विरोधी लोगों के द्वारा उठाया जाने लगा था | समाज के भोले भाले लोगों को अनेक प्रकार के प्रलोभन देकर मतांतरित किया जा रहा था इस प्रकार समाज को तोड़ने का भरसक प्रयास किया जा रहा था
परमपूज्य राजागुरु धर्मगुरु बालदास साहेब जी का अवतरण 18 अक्टूबर सन 1958 मे छतीसगढ़ राज्य के रायपुर जिले के आरंग तहसील के ग्राम भंडारपुरी धाम मे हुआ | गुरु बाबा जी के अवतरण के समय आसमान इस प्रकार प्रकाशमान हो गया जैसे कि किसी महामानव धर्म सम्राट का अवतरण हुआ हो और गुरु बाबाजी के बचपन बीतने के साथ तरुणाअवस्था एवं युवावस्था के आते आते यह बात साबित होने लगी थी कि 18 अक्टूबर सन 1958 मे वास्तव मे एक महामानव धर्मसम्राट व्यक्तितव का अवतरण हुआ था |
गुरु बाबा जी ने जैसे ही युवावस्था मे कदम रखा तभी से समाज के दशा और दिशा के बिगड़ते हालातों पर चिंतन करते हुए लगातार तन मन धन से समाज के बीच सघन दौरा करने लगे जिसमे समाज मे एक नई ऊर्जा का संचार होने लगा | कलांतर मे परिस्थिति वश जो समाज और गुरु परिवार के बीच परस्पर संबंधों मे कमी आने लगी थी जिसको दूर करते हुए समाज मे नई क्रांति का आगाज हुआ | गुरु बाबा जी के इस मुहिम का समाज के द्वारा भारी समर्थन प्राप्त होने लगा | गुरु बाबा जी के स्वरूप,कार्य शैली एवं नीतिगत क्रांतिकारी मुहिम से समाज के लोगों को विश्वाश होने लगा कि राजागुरु बालदास साहेब जी के रूप मे शूरवीर महान प्रतापी राजा गुरु बालकदास बाबा जी का अवतरण हुआ है |
18 वी शताब्दी मे जिस प्रकार से शूरवीर महान प्रतापी राजा गुरु बालकदास साहेब जी के कुशल नेतृत्व मे सतनामी समाज विकास के नये आयाम लिखते हुए सामाजिक धार्मिक राजनैतिक रूप से संगठित होकर राजपाठ हासिल किए | ठीक उसी प्रकार वर्तमान समय मे राजागुरु गुरु बालदास साहेब जी के कुशल नेतृत्व मे सतनामी समाज सामाजिक धार्मिक सांस्कृतिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त हो रहा है | राजागुरु गुरु बालदास साहेब जी के द्वारा सतनामी समाज के अलावा अन्य समुदाय के लोगों के साथ होने वाले अन्याय अत्याचार के खिलाफ अनेकों बार सड़क की लड़ाई लड़ते हुए उनके हक अधिकार की रक्षा करने का कार्य निरंतर किया जा रहा है | इस प्रकार गुरु बाबा जी अपने जीवन का एक पल समाज के हक अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिए है | इन सभी गतिविधियों से प्रभावित होकर सर्व सतनामी समाज के द्वारा छतीसगढ़ राज्य के धमतरी जिला मुख्यालय मे सतनाम धर्म महासम्मेलन आयोजित कर परमपूज्य राजागुरु धर्मगुरु बालदास साहेब जी को आपना सर्वमान्य मुखिया घोषित कर उनके आदेश निर्देश और मार्गदर्शक मे सामाजिक संचालन करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है |
परमपूज्य राजागुरु धर्मगुरु बालदास साहेब जी, गुरुगद्दीनशीन गुरुद्वारा भंडारपुरी धाम जो कि राजागुरु गुरु बालकदास बाबा जी द्वारा स्थापित किए गए सतनाम सेना का प्रमुख एवं संचालक है | साथ ही सतनाम धर्म महासभा (भारत वर्ष ) के मुखिया एवं संचालक है | गुरु बाबा जी अपने पूरे परिवार सहित शतप्रतिशत सामाजिक धार्मिक आध्यात्मिक रूप से परमपूज्य गुरु घासीदास बाबा जी परमपूज्य सतधारी गुरु अमरदास बाबा जी शूरवीर महान प्रतापी राजा गुरु बालकदास साहेब जी एवं अपने पूर्वजों के आदर्शों पर आधारित कार्य कर रहे है इसलिए सम्पूर्ण सतनामी समाज के द्वारा उनके अवतरण दिवस को सतनामी स्वाभिमान दिवस एवं सम्मान समारोह का आयोजन करके गुरु बाबा जी का सम्मान किया जाता है |
आप सभी को यह अवगत कराते हुए मैं गौरव महसूस कर रहा हूँ कि सतनामी समाज को यदि स्वाभिमान से जीवन जीने की शिक्षा किसी ने दिया है तो वे परमपूज्य राजागुरु धर्मगुरु गुरु बालदास बाबा जी है तथा उनका संपुर्ण जीवन सतनामी समाज के उत्थान स्वाभिमान की रक्षा हक आधिकारों की रक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है इसलिए उनके अवतरण दिवस को सतनामी स्वाभिमान दिवस के रूप मे प्रतिवर्ष हर्षोल्लास के साथ महासम्मेलन आयोजित कर मनाया जाता है |