राजा गुरू बालक दास जी गुरू घासीदास जी और माता सफुरा के द्वितीय सुपुत्र है। जिसका जन्म भादो कृष्ण पक्ष अष्टमी 1795 को गिरौदपुरी में हुआ था। इनके एक बहन सहोद्रा और तीन भाई अमरदास, आगरदास, अड़गढ़िया दास थे।
पत्नी: नीरा माता | ससुराल: नवलपुर ढारा
संतान: पुत्र साहेबदास बाबा जी, पुत्रियाँ गंगा और गलारा माता
मुख्य अंगरक्षक: जुड़वां भाई सरहा और जोधाई
सवारी: हाथी दुलरवा, घोड़ा सांवल मणि