चेटवापुरी धाम का ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व

चेटूआ धाम परमपूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के प्रथम ज्येष्ठ सुपुत्र त्यागी तपस्वी सत्ताधारी बाल ब्रह्मचारी गुरु अमरदास बाबा जी का समाधि स्थल है। चेटूआ धाम छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 60 किलो मीटर की दूरी में बेमेतरा जिले में शिवनाथ नदी के तट पर स्थित है।

परमपूज्य गुरु अमरदास बाबा जी अपने पिता परमपूज्य गुरु घासीदास बाबा जी के आदेशानुसार उनके द्वारा दिए गए सभी संदेशों, उपदेशों, आदर्शों को समाज के बीच प्रचार करने के लिए रामत भ्रमण करते हुए चेटूआ नामक ग्राम में पहुंचे, जहां पर संत समाज के लोगों को सतनाम आध्यात्मिक शक्ति से परिचय कराने के उद्देश्य से ध्यान साधना करने की विधि सिखाने के लिए ढाई दिन की सजीव समाधि लिए थे। उसी समय कुछ विरोधी नीच अधर्मी लोगों के द्वारा अंग्रेज अफसरों को बुलाकर गुरु अमर दास बाबा जी को मृत घोषित कर दफना दिया गया था। किंतु जैसे ही ढाई दिन पूरा होने पर गुरु अमर दास बाबा जी की आत्मा इस लोक में आने के लिए अपने पार्थिव शरीर को ढूंढा तब तक देर हो चुका था, नीच अधर्मी लोगों के द्वारा उनके शरीर को दफना दिया गया था।

उक्त स्थान पर सिमगा के समीप ग्राम हरीनभट्ठा निवासी आधार दास सोनवानी गोटिया के द्वारा भव्य गुरुद्वारा निर्माण कराया गया। जहां पर प्रति वर्ष पौष पूर्णिमा के दिन मेले का आयोजन होता है।

चेटवापुरी धाम के प्रमुख दर्शनीय स्थल

यहाँ का मुख्य आकर्षण गुरु अमरदास बाबा की समाधि पर बना भव्य गुरुद्वारा है। चित्र पर क्लिक करके आप इसे बड़े रूप में देख सकते हैं।

चेटवापुरी धाम का स्थान

चेटूआ, जिला बेमेतरा, छत्तीसगढ़ (रायपुर से लगभग 60 किमी, शिवनाथ नदी के तट पर)